#शनि_की_वक्र_दृष्टि
******************
"गुरु जी , लोग मॉल में इतने महंगे और ब्रांडेड सामान क्यों खरीदते हैं ?"
" अरे चेला , क्योंकि ब्रांडेड और महँगी चीज़ अच्छी होती है। "
" तो क्या अपर बाजार से मैं जो खरीदता हूँ वो ख़राब होती है ?"
"न...न..वो भी अच्छी है। लेकिन ज्यादा पैसा देकर...ब्रांड वाली चीज़ लेने से थोड़ा ईगो satisfy होता है ...और प्रिविलेजड वाली फील आती है।"
"मतलब की गुरु अगर यही ब्रांडेड कपड़ो को स्टीकर हटाकर सस्ते में फूटपाथ पर बेचो तो ये लोग नहीं खरीदेंगे और फूटपाथ वाले पर ब्रांड का स्टीकर डाल कर मॉल में बेचो तो लोग खरीद कर प्रिविलेजड फील करेंगे !"
"सही पकडे चेला !"
गुरु-चेला का ये वार्तालाप संघी मंत्री प्रभु ने भी सुन लिया था। सुनते ही संघी मंत्री के दिमाग में एक !dea आया। और फिर फूटपाथ की सवारी यानि ट्रेन पर मॉल की सवारी यानि एयरोप्लेन का भाड़ा सिस्टम चस्पा दिया।
©
~ वेद प्रकाश ~
******************
"गुरु जी , लोग मॉल में इतने महंगे और ब्रांडेड सामान क्यों खरीदते हैं ?"
" अरे चेला , क्योंकि ब्रांडेड और महँगी चीज़ अच्छी होती है। "
" तो क्या अपर बाजार से मैं जो खरीदता हूँ वो ख़राब होती है ?"
"न...न..वो भी अच्छी है। लेकिन ज्यादा पैसा देकर...ब्रांड वाली चीज़ लेने से थोड़ा ईगो satisfy होता है ...और प्रिविलेजड वाली फील आती है।"
"मतलब की गुरु अगर यही ब्रांडेड कपड़ो को स्टीकर हटाकर सस्ते में फूटपाथ पर बेचो तो ये लोग नहीं खरीदेंगे और फूटपाथ वाले पर ब्रांड का स्टीकर डाल कर मॉल में बेचो तो लोग खरीद कर प्रिविलेजड फील करेंगे !"
"सही पकडे चेला !"
गुरु-चेला का ये वार्तालाप संघी मंत्री प्रभु ने भी सुन लिया था। सुनते ही संघी मंत्री के दिमाग में एक !dea आया। और फिर फूटपाथ की सवारी यानि ट्रेन पर मॉल की सवारी यानि एयरोप्लेन का भाड़ा सिस्टम चस्पा दिया।
©
~ वेद प्रकाश ~
No comments:
Post a Comment